अहसास रिश्‍तों के बनने बिगड़ने का !!!!

एक चटका यहाँ भी

नमस्कार हँसी के रंग, पंकज के संग की आज के तीसरी कड़ी में आपका स्वागत है



http://www.funxite.com/images/img/14-funny-flash-animations.jpghttp://img.widgetbox.com/thumbs/1a6ced4c-2b00-4130-8016-d63005f2c812.jpgएक डॉक्टर महिला रोगी के कमरे में गया और थोड़ी देर में बाहर आकर कैंची मांगी। पांच मिनट बाद फिर लौटा और पेचकस लेकर अंदर गया।

कुछ देर बाद फिर लौटा और हथोड़ा लेकर जैसे ही जाने लगा तो महिला के पति ने पूछा आखिर उसे रोग क्या है।

डॉक्टर (व्यक्ति से)- पता नहीं अभी तो मैं मेरा बैग ही नहीं खोल पा रहा हूं।

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अध्यापक (छात्र से)- तुम स्कूल क्यों आते हो?

छात्र (अध्यापक से)- विद्या के लिए सर!


अध्यापक- फिर तुम कक्षा में सो क्यों रहे हो? http://www.geocities.com/manga_mayhem/Inuyasha/inuicn1.gif

छात्र- आज विद्या नही आयी है इसलिए सर!

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बोदूराम (दुकानदार से)- तुमने मुझे धोखा दिया।


दुकानदार (बोदूराम से)- वो कैसे? http://i232.photobucket.com/albums/ee11/cy7xa/anim/78.gif

बोदूराम- तुमने कहा था यह रेडियो अमेरिका का बना है, मगर जब मैंने इसे चलाया तब इसमें से आवाज आई,.. यह है ऑल इंडिया रेडियो! http://www.osoq.com/caricatures/image-animations/animation-package/weather-animations.gif

5 comments:

  1. Udan Tashtari on September 6, 2009 at 6:25 AM

    haa haa!! मजेदार!

     
  2. mehek on September 6, 2009 at 6:46 AM

    ha ha mazedaar jokes:)

     
  3. डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक on September 6, 2009 at 7:02 AM

    हा...ह...हा...।
    बहुत बढ़िया लतीफे हैं मिश्रा जी।
    बधाई!

     
  4. Nirmla Kapila on September 6, 2009 at 11:09 AM

    हा हा हा वाह बडिया हैं

     
  5. दिगम्बर नासवा on September 6, 2009 at 4:49 PM

    vaah pankaj ji ........ majedaar chutkale, sab ke sab naye, maja aa gaya.........

     

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साँस लेते हुए भी डरता हूँ! ये न समझें कि आह करता हूँ! बहर-ए-हस्ती में हूँ मिसाल-ए-हुबाब! मिट ही जाता हूँ जब उभरता हूँ! इतनी आज़ादी भी ग़नीमत है! साँस लेता हूँ बात करता हूँ! शेख़ साहब खुदा से डरते हो! मैं तो अंग्रेज़ों ही से डरता हूँ! आप क्या पूछते हैं मेरा मिज़ाज! शुक्र अल्लाह का है मरता हूँ! ये बड़ा ऐब मुझ में है 'yaro'! दिल में जो आए कह गुज़रता हूँ!
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