अहसास रिश्‍तों के बनने बिगड़ने का !!!!

एक चटका यहाँ भी

ताऊ ने बोदूराम को १० रुपये दिए रामप्यारी के लिए दूध लाने को लेकिन बोदूराम रुपये रस्ते में ही रसमलाई खाकर बिना दूध वापस गया

ताऊ ने आवाज लगाई - अबे बोदूराम गधे इधर
बोदूराम भागा भागा आया बोला ताऊ जी किस गधे को बुलाऊ ?
ताऊ : नही और नही तू ही काफी है
चल बता दूध किधर है?
बोदूराम घबडा कर बोला ताऊ दूध ला रहा था रस्ते में गिर पड़ा सारा दूध बह गया सड़क पे
अच्छा बेटा तो अब तू झूठ भी बोलना सीख गया

ता ताऊ मै झूठ नही बोल रहा हूँ
ताऊ बोला : बेटा मुझे सब पता है समझे जब तुम झूठ बोलते हो तुम्हारी आवाज फसने लगती है
बोदूराम : नही ताऊ
ताऊ ने एक जोरदार चाटा लगाया - फटाक
और बोला ताऊ नही ताऊ जी बोल बावली बूच
बोदूराम बोला : जी ताऊ ,
ताऊ फ़िर से चाटा मारा फटाक : आगे नही पीछे जी लगा, पीछे समझे ?
बोदूराम : जी ताऊ जी
ताऊ फ़िर से चाटा मारा फटाक :
जितना बोला उतना ही बोल
बोदूराम : सॉरी ताऊ जी गलती हो गयी
ताऊ ने फिर मारा : अच्छा पहले गलती करेगा फिर बाद में सॉरी बोलेगा ?
सॉरी ताऊ जी आगे से पहले सॉरी बोलूगा
ताऊ ने फ़िर मार फटाक : अच्छा मतलब बाद में गलती करेगा ?
बोल पैसे क्या किया ?
ताऊ जे रसमलाई खा गया
ताऊ फ़िर मारा फटाक : अच्छा अकेले अकेले खाता है ताऊ को क्या तेरा बाप खिलायेगा ?

5 comments:

  1. RAJIV MAHESHWARI on August 13, 2009 at 3:14 PM

    मुझे आपके इस सुन्‍दर से ब्‍लाग को देखने का अवसर मिला, नाम के अनुरूप बहुत ही खूबसूरती के साथ आपने इन्‍हें प्रस्‍तुत किया आभार् !!

     
  2. ताऊ रामपुरिया on August 13, 2009 at 3:31 PM

    वाह जी आज तो बोदूराम पकडा गया?:)

    रामराम.

     
  3. दिगम्बर नासवा on August 13, 2009 at 3:59 PM

    IB TO MUSEEBAT AA GAYEE BODURAM KI.........

     
  4. अर्शिया अली on August 13, 2009 at 6:24 PM

    जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई.
    ( Treasurer-S. T. )

     
  5. Babli on August 14, 2009 at 10:50 AM

    अत्यन्त सुंदर! श्री कृष्ण जनमाष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें!

     

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श्री गुरुवे नमः

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साँस लेते हुए भी डरता हूँ! ये न समझें कि आह करता हूँ! बहर-ए-हस्ती में हूँ मिसाल-ए-हुबाब! मिट ही जाता हूँ जब उभरता हूँ! इतनी आज़ादी भी ग़नीमत है! साँस लेता हूँ बात करता हूँ! शेख़ साहब खुदा से डरते हो! मैं तो अंग्रेज़ों ही से डरता हूँ! आप क्या पूछते हैं मेरा मिज़ाज! शुक्र अल्लाह का है मरता हूँ! ये बड़ा ऐब मुझ में है 'yaro'! दिल में जो आए कह गुज़रता हूँ!
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