अहसास रिश्‍तों के बनने बिगड़ने का !!!!

एक चटका यहाँ भी

नमस्कार ,
मै पंकज मिश्रा , आप सबको दीपावली की ढेर सारी शुभकामनाए ..........
दीपावली आ रही है ,.... समझिये आ ही गयी है , जहा देखिये पटाखे ,बजाये जा रहे है , फ़ुल्झडिया छोडी जा रही , आसमान धुन्ध्मान और वातावरणशोरमय  बनाया जा रहा है .....


सड़क पर सवारियों के ऊपर पटाखे फेके जा रहे है ......गावो में अभी से राकेट छोडने से आग लगना शुरू हो गया है अब आग लगेगा तो घर जलेगा , घर जलेगा तो लड़ाई होगी तो ये कौन से और कैसी दीपावली ......
कभी आपने सोचा है कि आप दीपावाली को कितने पैसे का पटाखा फोड़ते है और उससे हासील क्या होता है .... चंद जोरदार आवाजे ढेर सारा धुँआ और कितनी बात बच्चे तो बच्चे खुद भी आप इसके लपेट में आकर जल  जाते है... किसी केहाथ में फुटका पड़ जाता है तो किसी की आँख कानी होने की नौबत आ जाती है ... ऐसे माहौल में जानबूझकर इस चक्कर में मत आइये और बच्चो के लिए भी सादा दो चार पटाखे ले लीजिये लेकिन ज्यादा पैसा और ज्यादा रिस्क मत लीजिये ...
जैसा कि सब को पता है दीपावली का त्यौहार लक्ष्मी गणेश जी की पूजा के लिए किया जाता है तो पूजा में आवाज और बम पटाखे क्यों ?


क्यों हम जानबूझकर अपने बच्चो को आग से खेलने देते है ?
क्या हासील कर सकते है आप चंद नकली राकेट आसमान में छोड़कर ?
क्या आप के  ज्यादा  आवाज वाले पटाखे बजाने से लक्ष्मी जी खुश होती है ?
आप सब से अनुरोध है कि शांत और शभ्य तरीके से इस त्यौहार को मनाये .........


पंकज मिश्रा 

16 comments:

  1. डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक on October 15, 2009 at 4:45 PM

    "पूजा में आवाज और बम पटाखे क्यों ?
    क्यों हम जानबूझकर अपने बच्चो को आग से खेलने देते है ?
    क्या हासील कर सकते है आप चंद नकली राकेट आसमान में छोड़कर ?
    क्या आप के ज्यादा आवाज वाले पटाखे बजाने से लक्ष्मी जी खुश होती है ?
    आप सब से अनुरोध है कि शांत और शभ्य तरीके से इस त्यौहार को मनाये ........."

    पोस्ट के साथ सन्देश भी बहुत बढ़िया दिया है।
    धनतेरस, दीपावली और भइया-दूज पर आपको ढेरों शुभकामनाएँ!

     
  2. Udan Tashtari on October 15, 2009 at 5:12 PM

    अच्छा संदेश..शांत और सभ्य तरीके से खुशियाँ मनाएँ.


    -
    सुख औ’ समृद्धि आपके अंगना झिलमिलाएँ,
    दीपक अमन के चारों दिशाओं में जगमगाएँ
    खुशियाँ आपके द्वार पर आकर खुशी मनाएँ..
    दीपावली पर्व की आपको ढेरों मंगलकामनाएँ!

    -समीर लाल ’समीर’

     
  3. दिगम्बर नासवा on October 15, 2009 at 5:56 PM

    achee seekh hai .......

    पंकज जी ......
    आपको और परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ

     
  4. महफूज़ अली on October 15, 2009 at 5:59 PM

    aapko deepawali ki haardik shubhkaamnayen......

     
  5. राज भाटिय़ा on October 15, 2009 at 6:16 PM

    बहुत सुंदर संदेश. धन्यवाद
    आप को ओर आप के परिवार को दिपावली की शुभकामानायें.

     
  6. Arvind Mishra on October 15, 2009 at 6:17 PM

    हमें पर्यावरण -विवेक के साथ दीवाली मनानी चाहिये -मगर सुनता कौन है ? कड़े कानून बनाने होगें और उन्हें इम्प्लीमेंट करने होगें !

     
  7. ताऊ रामपुरिया on October 15, 2009 at 6:44 PM

    बहुत अच्छा संदेश. आपको और आपके परिजनों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं.

    रामराम.

     
  8. श्रीश पाठक 'प्रखर' on October 15, 2009 at 10:03 PM

    पंकज जी दीवाली के लिहाज से एक जरूरी पोस्ट, दीवाली की आपको सपरिवार शुभकामनायें.....

     
  9. विनोद कुमार पांडेय on October 15, 2009 at 11:42 PM

    बहुत खूब पंकज जी,
    आपको भी दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएँ

     
  10. योगेन्द्र मौदगिल on October 16, 2009 at 3:10 AM

    दीवाली हर रोज हो तभी मनेगी मौज
    पर कैसे हर रोज हो इसका उद्गम खोज
    आज का प्रश्न यही है
    बही कह रही सही है

    पर इस सबके बावजूद

    थोड़े दीये और मिठाई सबकी हो
    चाहे थोड़े मिलें पटाखे सबके हों
    गलबहियों के साथ मिलें दिल भी प्यारे
    अपने-अपने खील-बताशे सबके हों
    ---------शुभकामनाऒं सहित
    ---------मौदगिल परिवार

     
  11. पं.डी.के.शर्मा"वत्स" on October 16, 2009 at 1:06 PM

    अच्छा सन्देश दिया आपने इस पोस्ट के जरिए.....

    आपको सपरिवार दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाऎँ!!!!!!

     
  12. पी.सी.गोदियाल on October 16, 2009 at 2:30 PM

    सुंदर संदेश !

    आपको दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ !

     
  13. Nirmla Kapila on October 16, 2009 at 5:02 PM

    अच्छा संदेश है सही समय पर सही बात शायद आज बोदू राम छुट्टी पर है। दीपावली की शुभकामनायें

     
  14. Babli on October 16, 2009 at 7:40 PM

    आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें !

     
  15. क्रिएटिव मंच on October 16, 2009 at 8:47 PM

    बहुत सुंदर पोस्ट के साथ सन्देश भी बहुत बढ़िया


    सुख, समृद्धि और शान्ति का आगमन हो
    जीवन प्रकाश से आलोकित हो !

    ★☆★☆★☆★☆★☆★☆★☆★
    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाए
    ★☆★☆★☆★☆★☆★☆★☆★


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  16. Meenu Khare on October 17, 2009 at 11:08 AM

    साल की सबसे अंधेरी रात में
    दीप इक जलता हुआ बस हाथ में
    लेकर चलें करने धरा ज्योतिर्मयी

    कड़वाहटों को छोड़ कर पीछे कहीं
    अपना-पराया भूल कर झगडे सभी
    झटकें सभी तकरार ज्यों आयी-गयी

    =======================
    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!
    =======================

     

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साँस लेते हुए भी डरता हूँ! ये न समझें कि आह करता हूँ! बहर-ए-हस्ती में हूँ मिसाल-ए-हुबाब! मिट ही जाता हूँ जब उभरता हूँ! इतनी आज़ादी भी ग़नीमत है! साँस लेता हूँ बात करता हूँ! शेख़ साहब खुदा से डरते हो! मैं तो अंग्रेज़ों ही से डरता हूँ! आप क्या पूछते हैं मेरा मिज़ाज! शुक्र अल्लाह का है मरता हूँ! ये बड़ा ऐब मुझ में है 'yaro'! दिल में जो आए कह गुज़रता हूँ!
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